राजस्थान सिर्फ़ रेत, किले और महलों का प्रदेश नहीं, बल्कि भक्ति और अध्यात्म की भूमि भी है। यहाँ के मंदिरों की भव्यता, स्थापत्य कला और श्रद्धा का संगम हर यात्री को मोहित कर देता है। आइए जानते हैं राजस्थान के…
राजस्थान सिर्फ़ रेत, किले और महलों का प्रदेश नहीं, बल्कि भक्ति और अध्यात्म की भूमि भी है। यहाँ के मंदिरों की भव्यता, स्थापत्य कला और श्रद्धा का संगम हर यात्री को मोहित कर देता है। आइए जानते हैं राजस्थान के उन 20 प्रमुख मंदिरों के बारे में, जो हर भक्त के लिए दर्शन योग्य हैं।
1. Khatu Shyam Ji Mandir (सीकर)
खाटू श्याम जी का मंदिर राजस्थान के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है। यह मंदिर भगवान कृष्ण के अवतार बारबरीक को समर्पित है। ऐसा कहा जाता है कि जो यहाँ सच्चे मन से प्रार्थना करता है उसकी हर मनोकामना पूर्ण होती है। फाल्गुन मेले के समय यहाँ लाखों श्रद्धालु आते हैं। मंदिर की भव्य संगमरमर संरचना और कीर्तन का माहौल भक्तों को मोहित कर देता है।
2. Karni Mata Mandir (बीकानेर)
करणी माता मंदिर अपनी चूहों की अनोखी परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर माता करणी को समर्पित है, जिन्हें देवी दुर्गा का अवतार माना जाता है। यहाँ लगभग 25,000 पवित्र चूहे (काबा) निवास करते हैं और उन्हें प्रसाद खिलाना शुभ माना जाता है। मंदिर का स्थापत्य संगमरमर और चाँदी की नक्काशी से सुसज्जित है। नवरात्रि के समय यहाँ विशेष पूजा होती है।
3. Trinetra Ganesh Mandir (रणथंभौर)
यह मंदिर रणथंभौर किले के भीतर स्थित है और भगवान गणेश को समर्पित है। यह भारत का सबसे पुराना गणेश मंदिर माना जाता है। मंदिर में भगवान गणेश की त्रिनेत्र (तीन नेत्रों वाली) मूर्ति है। प्रत्येक बुधवार और गणेश चतुर्थी को यहाँ भारी भीड़ होती है। मंदिर से रणथंभौर का दृश्य अत्यंत सुंदर दिखता है।
4. Eklingji Temple (उदयपुर)
एकलिंगजी मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और इसे मेवाड़ के राजाओं का कुलदेवता माना जाता है। मंदिर में 50 फीट ऊँचा चारमुखी शिवलिंग है। संगमरमर की अद्भुत नक्काशी और झीलों के किनारे स्थित यह मंदिर अत्यंत दिव्य अनुभूति कराता है। महाशिवरात्रि पर यहाँ विशेष रात्रि पूजा आयोजित होती है।
5. Birla Mandir (जयपुर)
जयपुर स्थित बिरला मंदिर भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को समर्पित है। सफेद संगमरमर से निर्मित यह आधुनिक मंदिर रात्रि में प्रकाश से जगमगाता है। मंदिर की दीवारों पर महापुरुषों के श्लोक और उपदेश अंकित हैं। यहाँ का शांत वातावरण ध्यान और भक्ति के लिए आदर्श है।
6. Govind Dev Ji Mandir (जयपुर)
सिटी पैलेस परिसर में स्थित यह मंदिर भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है। यह जयपुर के सबसे पूजनीय मंदिरों में से एक है। यहाँ श्रीकृष्ण की मूर्ति वृंदावन से लाई गई थी। जन्माष्टमी और होली के समय यहाँ भव्य आयोजन होता है। श्रद्धालु आरती के समय “जय जय श्री राधे श्याम” के गान में लीन हो जाते हैं।
7. Mehandipur Balaji Mandir (दौसा)
यह मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित है और भूत-प्रेत बाधा मुक्ति स्थान के रूप में प्रसिद्ध है। श्रद्धालु यहाँ अपने भय, दुख और मानसिक समस्याओं से मुक्ति के लिए आते हैं। मंदिर में विशेष आरती और प्रसाद वितरण होता है। यहाँ का वातावरण श्रद्धा और रहस्यमयता से भरा होता है।
8. Ambika Mata Mandir (उदयपुर)
यह मंदिर देवी अम्बिका को समर्पित है। पहाड़ी की चोटी पर स्थित यह मंदिर प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा हुआ है। नवरात्रि में यहाँ भव्य मेले का आयोजन होता है। मंदिर की दीवारों पर जटिल नक्काशी देखने योग्य है।
9. Ranakpur Jain Mandir (पाली)
यह विश्व प्रसिद्ध जैन मंदिर आदिनाथ भगवान को समर्पित है। मंदिर में 1,444 स्तंभ हैं और हर स्तंभ की नक्काशी अलग है। संगमरमर से बना यह मंदिर स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है। यहाँ का वातावरण ध्यान और शांति के लिए आदर्श है।
10. Salasar Balaji Temple (चुरू)
यह मंदिर भगवान हनुमान के बालाजी रूप को समर्पित है। यहाँ भक्त अपनी मनोकामनाओं के पूर्ण होने के बाद चांदी की छड़ी चढ़ाते हैं। हर साल चैत्र पूर्णिमा और आश्विन पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालु यहाँ आते हैं।
11. Shree Nath Ji Mandir (नाथद्वारा)
नाथद्वारा का श्रीनाथ जी मंदिर भगवान कृष्ण के बाल रूप को समर्पित है। यह मंदिर वैष्णव सम्प्रदाय का केंद्र माना जाता है। यहाँ की “मंगला आरती” और “राजभोग” दर्शन विश्व प्रसिद्ध हैं। मंदिर के पास खरीदने के लिए प्रसिद्ध पिचवाई चित्र भी मिलते हैं।
12. Galtaji Temple (जयपुर)
गाल्टा जी मंदिर सात कुंडों वाले प्राकृतिक झरनों के लिए प्रसिद्ध है। यह स्थल संत गालव का तपोस्थल माना जाता है। यहाँ का सूरज मंदिर भी प्रसिद्ध है। मकर संक्रांति पर यहाँ स्नान करने का विशेष महत्व है।
13. Tanot Mata Mandir (जैसलमेर)
यह मंदिर भारत-पाक सीमा के पास स्थित है। 1965 के युद्ध के दौरान यहाँ गिरे बम फटे नहीं, इसलिए इसे शक्ति का प्रतीक माना जाता है। मंदिर बीएसएफ द्वारा संचालित होता है और देशभक्ति तथा आस्था दोनों का प्रतीक है।
14. Ambika Mata Temple (Jagat, उदयपुर)
“खजुराहो ऑफ राजस्थान” कहा जाने वाला यह मंदिर देवी दुर्गा के स्वरूप अंबिका को समर्पित है। मंदिर की दीवारों पर प्राचीन मूर्तिकला अद्भुत है। यहाँ का वातावरण बेहद शांत और ध्यान के लिए उपयुक्त है।
15. Nimbo Ka Nath Mandir (पाली)
यह मंदिर पांडवों से जुड़ी कथाओं के कारण प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि युधिष्ठिर ने यहाँ भगवान शिव की आराधना की थी। यहाँ सावन मास में विशेष पूजा होती है।
16. Rani Sati Dadi Mandir (Jhunjhunu)
यह मंदिर माता रानी सती को समर्पित है और राजस्थान का प्रमुख महिला शक्ति स्थल है। यहाँ की भव्य आरती और श्रृंगार प्रसिद्ध हैं। हर भाद्रपद अमावस्या को विशेष मेला लगता है।
17. Neelkanth Mahadev Temple (अलवर)
यह प्राचीन शिव मंदिर 10वीं शताब्दी में बनाया गया था। अरावली पहाड़ियों के बीच स्थित यह मंदिर स्थापत्य दृष्टि से अद्भुत है। यहाँ शिवरात्रि के दिन विशेष पूजा होती है।
18. Sundha Mata Temple (Jalore)
यह मंदिर 900 मीटर ऊँची पहाड़ी पर स्थित है और माता चामुंडा को समर्पित है। यहाँ भक्त प्राकृतिक गुफा में माता के दर्शन करते हैं। यह स्थल भक्ति और प्राकृतिक सौंदर्य का सुंदर मिश्रण है।
19. Parshvanath Jain Temple (Osian, जोधपुर)
ओसियन को “मंदिरों का नगर” कहा जाता है। यहाँ स्थित पार्श्वनाथ जैन मंदिर जैन स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण है। मंदिर की दीवारों पर सूक्ष्म नक्काशी और मूर्तिकला अद्वितीय है।
20. Kaila Devi Temple (Karauli)
यह मंदिर देवी महाकाली के रूप काला देवी को समर्पित है। चैत्र नवरात्रि में यहाँ लाखों भक्त आते हैं। मंदिर की परंपराएं 1100 वर्षों से चली आ रही हैं। श्रद्धालु यहाँ “कवड़ यात्रा” निकालते हैं।
निष्कर्ष (Conclusion):
राजस्थान के मंदिर सिर्फ़ धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि इतिहास, कला और आस्था के जीवंत प्रतीक हैं। खाटू श्याम से लेकर रणकपुर तक, हर मंदिर आपको भक्ति और सौंदर्य की अनुभूति कराता है। यदि आप आत्मिक शांति और सांस्कृतिक समृद्धि का अनुभव करना चाहते हैं, तो राजस्थान के इन पवित्र मंदिरों की यात्रा ज़रूर करें।
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