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Hindu Festivals List – महीनेवार हिंदू त्योहार और उनका महत्व भारत में हर दिन किसी न किसी देवता, ऋतु या परंपरा से जुड़ा त्योहार मनाया जाता है।यहाँ दिए गए हैं के सभी हिंदू त्योहार, महीनेवार उनके महत्व सहित | जनवरी (January Festivals) 1.…

Hindu Festivals List – महीनेवार हिंदू त्योहार और उनका महत्व

भारत में हर दिन किसी न किसी देवता, ऋतु या परंपरा से जुड़ा त्योहार मनाया जाता है।
यहाँ दिए गए हैं के सभी हिंदू त्योहार, महीनेवार उनके महत्व सहित |

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जनवरी (January Festivals)

1. मकर संक्रांति / उत्तरायण / पोंगल

  मकर संक्रांति वह दिन है जब सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं। यह पर्व नए आरंभ, फसल की समृद्धि और प्रकाश की ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इस दिन लोग गंगा स्नान करते हैं, तिल और गुड़ का दान करते हैं और पतंग उड़ाने की परंपरा निभाते हैं।
दक्षिण भारत में इसे पोंगल कहा जाता है जहाँ फसल के नए आगमन पर भगवान सूर्य को धन्यवाद दिया जाता है।
गुजरात में इसे उत्तरायण कहते हैं और लोग आसमान को रंगीन पतंगों से भर देते हैं।
यह त्योहार सूर्य की उत्तरायण गति की शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा के प्रसार का प्रतीक है।
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2. गणतंत्र दिवस (Republic Day – 26 January)

26 जनवरी भारत का गौरवशाली राष्ट्रीय पर्व है, जब 1950 में भारतीय संविधान लागू हुआ था।
यह दिन भारत के नागरिकों के लिए समानता, स्वतंत्रता और अधिकारों का प्रतीक है।
राजपथ (दिल्ली) पर भव्य परेड आयोजित की जाती है जिसमें देश की संस्कृति और सामरिक शक्ति प्रदर्शित की जाती है।
विद्यालयों और संस्थानों में तिरंगा फहराया जाता है और राष्ट्रगान गाया जाता है।
यह दिन हमें अपने कर्तव्यों और देशप्रेम की भावना का स्मरण कराता है। 

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फ़रवरी (February Festivals)

1.महाशिवरात्रि (Maha Shivaratri)

महाशिवरात्रि भगवान शिव और माता पार्वती के पवित्र विवाह का दिन है।
इस दिन भक्त रात्रि भर जागरण करते हैं और “ॐ नमः शिवाय” का जाप करते हैं।
शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा चढ़ाया जाता है।
कथाओं के अनुसार, इस रात्रि शिवजी ने तांडव नृत्य किया था और संसार के कल्याण का संकल्प लिया था।
यह पर्व आत्मसंयम, भक्ति और मुक्ति का प्रतीक है।
शिवभक्त इस दिन उपवास रखते हैं और भगवान शिव से अपने जीवन में शांति और शक्ति की प्रार्थना करते हैं।

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मार्च (March Hindu Festivals)

1. होली / धुलंडी (Holi Festival)

होली रंगों और उमंग का त्योहार है, जो पूरे भारत में अपार उत्साह से मनाया जाता है।
लोग एक-दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाते हैं।
इस दिन रिश्तों की दूरियाँ मिटाई जाती हैं और प्रेम का संदेश फैलाया जाता है।
घर-घर में गुजिया, मालपुए और ठंडाई जैसे पकवान बनाए जाते हैं।
होलिका दहन के अगले दिन यह रंगों की होली खेली जाती है।
होली का त्यौहार जीवन में हंसी, अपनापन और नई शुरुआत का प्रतीक है।
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3. चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri)

चैत्र नवरात्रि देवी दुर्गा के नौ रूपों की उपासना का पर्व है।
यह नववर्ष की शुरुआत भी मानी जाती है, और इसका समापन राम नवमी पर होता है।
भक्त नौ दिन उपवास रखकर माँ दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती की आराधना करते हैं।
हर दिन देवी के एक स्वरूप की पूजा की जाती है — शैलपुत्री से लेकर सिद्धिदात्री तक।
यह पर्व आत्मबल, नारीशक्ति और धर्म की विजय का प्रतीक है।
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4. गुढ़ी पड़वा / उगादी / चेतीचंद (Gudi Padwa / Ugadi / Cheti Chand)

यह दिन भारत के कई हिस्सों में नववर्ष के रूप में मनाया जाता है।
महाराष्ट्र में इसे गुढ़ी पड़वा, आंध्र और कर्नाटक में उगादी, और सिंधी समाज में चेतीचंद कहा जाता है।
लोग इस दिन घरों में गुढ़ी (ध्वज) लगाते हैं, विशेष पकवान बनाते हैं और नूतन वर्ष का स्वागत करते हैं।
यह पर्व नयी शुरुआत, समृद्धि और शुभकामनाओं का प्रतीक है।
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5. राम नवमी (Ram Navami)

राम नवमी भगवान श्रीराम के जन्म का पावन दिन है।
यह पर्व चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन मनाया जाता है।
भक्त रामायण का पाठ करते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और रामलला का जन्मोत्सव मनाते हैं।
मंदिरों में झूले सजाए जाते हैं और राम दरबार की पूजा की जाती है।
यह दिन धर्म, मर्यादा और आदर्श जीवन का प्रतीक है।
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6. गंगौर उत्सव (Gangaur Festival)

गंगौर उत्सव देवी पार्वती (गौरी माता) को समर्पित पर्व है।
मुख्य रूप से राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात में इसे बड़े उत्साह से मनाया जाता है।
विवाहित महिलाएँ अपने पति की लंबी उम्र के लिए और अविवाहित लड़कियाँ उत्तम वर की प्राप्ति के लिए व्रत रखती हैं।
रंग-बिरंगी पोशाकों, गीतों और शोभायात्राओं से यह त्योहार बेहद आकर्षक बन जाता है।
यह नारी सशक्तिकरण और प्रेम का प्रतीक पर्व है।
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अप्रैल (April Hindu Festivals)

1. बैसाखी / वैशाखी / विषु / पुथांडु (Baisakhi / Vishu / Puthandu)

बैसाखी भारत के किसानों का प्रमुख पर्व है और नई फसल की कटाई का प्रतीक है।
यह दिन सिख धर्म में भी बेहद पवित्र माना जाता है क्योंकि इसी दिन गुरु गोविंद सिंह जी ने “खालसा पंथ” की स्थापना की थी।
दक्षिण भारत में इसे “विषु” और तमिलनाडु में “पुथांडु” के रूप में मनाया जाता है।
लोग खेतों में नाच-गान करते हैं और समृद्धि की कामना करते हैं।
यह पर्व मेहनत, कृतज्ञता और नए आरंभ का उत्सव है।
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मई (May Hindu Festivals)

1. वट सावित्री व्रत (Vat Savitri Vrat)

वट सावित्री व्रत सुहागिन महिलाओं का प्रमुख पर्व है, जो अपने पति की दीर्घायु और समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं।
यह व्रत देवी सावित्री की कथा पर आधारित है, जिन्होंने अपने पति सत्यवान को यमराज से पुनः जीवन दिलाया था।
महिलाएँ इस दिन वट (बरगद) के पेड़ की पूजा करती हैं और उसके चारों ओर सात बार परिक्रमा करती हैं।
यह पर्व नारी शक्ति, समर्पण और प्रेम का प्रतीक है|

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4. जगन्नाथ रथ यात्रा (Jagannath Rath Yatra)

जगन्नाथ रथ यात्रा भगवान जगन्नाथबलराम और सुभद्रा जी को समर्पित भव्य उत्सव है।
यह ओडिशा के पुरी शहर में हर वर्ष बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।
इस दिन तीनों देवताओं की विशाल मूर्तियाँ लकड़ी के बने रथों में विराजमान होकर “गुंडिचा मंदिर” तक यात्रा करती हैं।
लाखों श्रद्धालु रथ के रस्से खींचते हैं, क्योंकि माना जाता है कि ऐसा करने से पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
यह त्योहार भक्ति, एकता और विनम्रता का प्रतीक है|

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जुलाई (July Hindu Festival)

1. गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima)

गुरु पूर्णिमा ज्ञान, भक्ति और श्रद्धा का पवित्र पर्व है।
यह दिन वेद व्यास जी की जयंती के रूप में मनाया जाता है, जिन्होंने वेदों और महाभारत की रचना की थी।
इस दिन शिष्य अपने गुरु को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और उनके आशीर्वाद से जीवन में दिशा प्राप्त करते हैं।
गुरु को ईश्वर समान मानते हुए लोग उन्हें फल, वस्त्र या उपहार अर्पित करते हैं।
यह पर्व आत्मज्ञान, आभार और विनम्रता का प्रतीक है |
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2. नाग पंचमी (Nag Panchami)

नाग पंचमी सर्प देवताओं की पूजा का दिन है, जो श्रावण मास की शुक्ल पंचमी को मनाया जाता है।
लोग नाग देवता की पूजा कर दूध, फूल और कुश अर्पित करते हैं।
कथाओं के अनुसार, इस दिन नागों की आराधना से जीवन में भय, रोग और दोष समाप्त होते हैं।
यह पर्व प्रकृति के संतुलन और जीवों के प्रति करुणा का प्रतीक है।
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4. सावन सोमवार व्रत (Shravan Somvar Vrat)

सावन के प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है।
भक्त दिनभर व्रत रखते हैं और शाम को शिवलिंग का जल, दूध, शहद और बेलपत्र से अभिषेक करते हैं।
यह व्रत विशेष रूप से महिलाओं द्वारा अच्छे पति और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखा जाता है।
सावन सोमवार भक्ति, तपस्या और समर्पण का प्रतीक है। 
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अगस्त (August – Hindu Festivals )

1. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (Krishna Janmashtami)

यह भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव है, जो भाद्रपद मास की अष्टमी को मनाया जाता है।
भक्त पूरे दिन उपवास रखते हैं और रात 12 बजे बालकृष्ण का जन्मोत्सव मनाते हैं।
माखन-मिश्री का भोग लगाया जाता है और मंदिरों में झांकियां सजाई जाती हैं।
यह पर्व प्रेम, भक्ति और धर्म की विजय का संदेश देता है।
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3. हरतालिका तीज (Hartalika Teej)

यह व्रत महिलाएं अखंड सौभाग्य, वैवाहिक सुख और पति की दीर्घायु के लिए रखती हैं।
पार्वती जी ने इस दिन भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था।
व्रत करने वाली महिलाएं रात्रि भर जागरण करती हैं और देवी पार्वती की पूजा करती हैं।
उत्तर भारत और राजस्थान में यह पर्व बहुत धूमधाम से मनाया जाता है।
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सितंबर (September – Hindu Festivals )

1. गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi)

गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मदिन का पर्व है।
भक्त मिट्टी की मूर्ति बनाकर 10 दिनों तक पूजा करते हैं।
गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से वातावरण गूंज उठता है।
अंतिम दिन विसर्जन किया जाता है, जो विनम्रता और त्याग का प्रतीक है।
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2. ऋषि पंचमी (Rishi Panchami)

यह व्रत सात महर्षियों — कश्यप, अत्रि, भारद्वाज, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और वशिष्ठ — की स्मृति में मनाया जाता है।
महिलाएं इस दिन आत्मशुद्धि और पापमोचन के लिए व्रत रखती हैं।
कथा के अनुसार, यह व्रत सभी अशुद्धियों को दूर करता है।
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3. राधा अष्टमी (Radha Ashtami)

यह दिन राधा रानी का जन्मोत्सव है।
भक्त राधा-कृष्ण की संयुक्त पूजा करते हैं और उनके प्रेम को आदर्श मानते हैं।
वृंदावन और बरसाना में इस दिन विशेष उत्सव मनाया जाता है।
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अक्टूबर (October – Hindu Festivals)

1. शारदीय नवरात्रि (Sharad Navratri)

नवरात्रि का यह पर्व देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा के लिए प्रसिद्ध है।
भक्त उपवास रखते हैं, कलश स्थापना करते हैं और दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं।
गरबा और डांडिया नृत्य इस पर्व का मुख्य आकर्षण होता है।
यह पर्व शक्ति, भक्ति और साधना का अद्भुत संगम है।
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2. दुर्गा पूजा (Durga Puja)

विशेषकर बंगाल में यह पर्व मां दुर्गा के राक्षस महिषासुर पर विजय की स्मृति में मनाया जाता है।
भव्य पंडाल, मूर्तियां, अर्चना और सांस्कृतिक आयोजन इसका हिस्सा हैं।
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3. दशहरा (Dussehra / Vijayadashami)

यह दिन भगवान राम द्वारा रावण के वध की स्मृति में मनाया जाता है।
यह पर्व सत्य की असत्य पर विजय और धर्म की स्थापना का प्रतीक है।

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4. करवाचौथ (Karva Chauth)

विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।
रात में चांद देखकर व्रत खोला जाता है।
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नवंबर (November – Hindu Festivals)

1. दीपावली (Diwali)

दीपों का यह पर्व भगवान राम के अयोध्या लौटने की स्मृति में मनाया जाता है।
लक्ष्मी पूजा, मिठाइयाँ, दीप सजावट और पटाखों का उल्लास इस दिन का हिस्सा हैं।
यह पर्व अंधकार पर प्रकाश, और अज्ञान पर ज्ञान की विजय का प्रतीक है।
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2. गोवर्धन पूजा / अन्नकूट

यह पर्व कृष्ण द्वारा इंद्र देव के अभिमान को तोड़ने की स्मृति में मनाया जाता है।
लोग गोवर्धन पर्वत का प्रतीक बनाकर पूजा करते हैं और अन्नकूट का भोग लगाते हैं।

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3. भाई दूज (Bhai Dooj)

भाई-बहन के प्रेम का यह पर्व रक्षाबंधन के समान महत्व रखता है।
बहन भाई को तिलक लगाती है और उसकी लंबी आयु की कामना करती है।
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4. छठ पूजा (Chhath Puja)

यह पर्व सूर्य देव और छठी मैया की पूजा का है।
भक्त उपवास रखते हैं और नदी किनारे उगते व डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं।
यह पर्व प्रकृति और ऊर्जा के प्रति आभार का प्रतीक है|

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